कभी तो हमारी हार में भी अहंकार था
शिखर से एक कदम पहले
लौट आना उतर आना
जीत का भी तिरस्कार था
तुम ने कहा, तुम जीतते नहीं
सुनो, मुझसे पूछो,
तुम जीते क्यूँ नहीं?
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कभी तो हमारी हार में भी अहंकार था
शिखर से एक कदम पहले
लौट आना उतर आना
जीत का भी तिरस्कार था
तुम ने कहा, तुम जीतते नहीं
सुनो, मुझसे पूछो,
तुम जीते क्यूँ नहीं?